hot xxx maa को मेरे ससुर ने अपने बड़े लंड पर झूला झुलाया

hot xxx maa को मेरे ससुर ने अपने बड़े लंड पर झूला झुलाया

हेलो दोस्तों मैं आभा सिंह, आज मैं एक नई सेक्स स्टोरी लेकर आ गई हूं जिसका नाम है “hot xxx maa को मेरे ससुर ने अपने बड़े लंड पर झूला झुलाया” यह कहानी मयंक की है आगे की कहानी वह आपको खुद बताएँगे मुझे यकीन है कि आप सभी को यह पसंद आएगी।

दोस्तों, मैं मयंक हूँ!

अब मैं आपके लिए फिर से एक नई कहानी लेकर आया हूँ.

यह देसी सेक्स कहानी एक बहू की है, जिसके साथ एक घटना घटी.

उनके कारण ससुर और बहू के बीच का रिश्ता बदल गया.

यह कहानी बहुत समय पहले एक छोटे से पिछड़े गाँव की है, जहाँ एक परिवार रहता था.

माँ, पिता, एक बेटा और एक बहू हैं. hot xxx maa

माँ का नाम रेनू है, जो 42साल की है.

रेनू बहुत ही सीधी-सादी महिला है.

पिता का नाम नवल है, जो 46 साल के हैं और मजबूत इंसान हैं.

वे एक रंगीन मिजाज़ इंसान हैं.

उन्होंने गाँव की कई महिलाओं को गर्भवती किया है.

उन्होंने अपनी छोटी भतीजी को भी बच्चा दिया है, जो उन्हें चाचा कहती है.

उन्होंने अपनी सास को भी नहीं बख्शा.

उनकी किस्मत ऐसी थी कि कोई भी महिला उनसे चुदने से मना नहीं कर सकती थी.

आज भी जब वह ससुराल जाता है तो उनकी सास की आँखों में चमक आ जाती है। hot xxx maa

वह अपने दामाद और प्रेमी का बहुत खुशी से स्वागत करती है।

उनके घर आते ही वह अपने पति को किसी काम से दूर भेज देती है और ये दोनों सास-दामाद जी भरकर सेक्स करते हैं।

इसके विपरीत उनका बेटा है, जो सिर्फ अपनी पत्नी से प्यार करता है।

उनकी बहू एक संस्कारी इंसान है।
वह घर में किसी को किसी बात के लिए मना नहीं करती।

वह अपने ससुर से डरती है।
उनके एक बुलावे पर वह अपना काम छोड़कर दौड़ी चली आती है। hot xxx maa

उसी बहू की जुबानी सुनिए आज की सेक्स कहानी।

एक बार मैं अपनी माँ के घर गई हुई थी। कुछ दिनों बाद मेरे पति मुझे लेने आने वाले थे। लेकिन उन्हें काम से छुट्टी नहीं मिली। तभी उनके पिता यानि मेरे ससुर जी आ गए।

उन दिनों यातायात के साधन नहीं थे। हमें पैदल ही आना-जाना पड़ता था।

वह दोपहर तक घर आ गए थे। मेरे परिवार ने उनका स्वागत किया और उसे चाय-नाश्ता कराया।

मैंने देखा कि वह मेरी माँ को हवस भरी निगाहों से देख रहा था।

मेरी माँ भी मुस्कुराकर उनका जवाब दे रही थी।

मेरे पिता को कुछ पता नहीं था।

वह बातों में व्यस्त थे। hot xxx maa

फिर सबने खाना खाया और मेरे पिता जी ने मेरे ससुर जी से कहा- समधी जी, आप थोड़ा आराम कर लें, फिर सूरज ढलने पर चले जाना।

मेरे ससुर जी मान गए।

मेरे पिता जी ने उन्हें एक कमरा दिखाया और मेरे ससुर जी उस कमरे में सोने चले गए।

मेरे पिता जी ने मुझसे कहा- तुम अपना सामान पैक करके तैयार हो जाओ, शाम होते ही तुम्हें निकलना है।

फिर उन्होंने मेरी माँ से कहा- तुम समधी जी का ख्याल रखना। मैं उन्हें देने के लिए कुछ कपड़े लाता हूँ।

मेरे पिता जी बाजार चले गए।
मैं अपना सामान पैक करने कमरे में चली गई।

कुछ देर बाद मेरी माँ दूध लेकर मेरे ससुर के कमरे में चली गई।
अब मैं तुम्हें अपनी माँ के बारे में बताती हूँ।

वह बहुत ही सीधी-सादी महिला है।
वह बहुत ही सुंदर है और अपने पति को भगवान मानती है। hot xxx maa

जब भी वह बाहर जाती है, लोग उसे घूरते रहते हैं।
लेकिन माँ ने अभी तक किसी और मर्द को अपने शरीर को छूने नहीं दिया है।

मेरे पिता ने मेरे कमरे के बगल में ही मेरे ससुर को कमरा दे दिया था।
मैंने दोनों कमरों के बीच की खिड़की से झाँका।

मेरी माँ ने मेरे ससुर को आवाज़ लगाई- समधी जी, मैं आपके लिए दूध लाई हूँ! मेरे ससुर उठकर बैठ गए और बोले- मैं सच में आपके दूध के बारे में सोच रहा था।
वह मेरी माँ के चूचो को हवस भरी नज़रों से देखने लगे।

मेरी माँ शरमा गई और बोली- समधी जी, आप बड़े मजाकिया हैं!
मेरे ससुर अपने हाथ से उनकी टाँगों के बीच सहलाने लगे।
मेरी माँ ने उनकी तरफ देखा और कहा- समधी जी, मेरी बेटी का ख्याल रखना।
वो मेरी लाडली बेटी है।

इस पर ससुर जी बोले- समधन जी, मैं तुम्हारा और तुम्हारी लाडली का अच्छे से ख्याल रखूँगा, पर मैं तुम्हारी खूबसूरती का दीवाना हूँ।
तुम बहुत छोटी हो।
तुम मेरी बहू की छोटी बहन जैसी दिखती हो,
सच में क्या नज़ारा है तुम्हारा, मैं तुम्हारा दीवाना हो गया हूँ! hot xxx maa

ये कहते हुए उन्होंने मेरी माँ का हाथ पकड़ा और दूध का गिलास एक तरफ रखते हुए माँ को अपनी तरफ खींचा।

माँ उनके सीने पर गिर पड़ीं, फिर जल्दी से संभलीं और उनके बगल में खड़ी हो गईं।

मेरे ससुर ने मेरी माँ को अपने पास बिठाया और पूछा- समधी जी कहाँ हैं?

फिर माँ बोली- हाँ, वो बाजार गए हैं, शाम तक आएँगे।

मैं समझ नहीं पाई कि माँ ने ऐसा क्यों कहा।

लेकिन मेरे ससुर समझ गए।

उन्होंने तुरंत मेरी माँ को पकड़ लिया और गले लगा लिया।

माँ चुप थीं, लेकिन विरोध भी नहीं कर रही थीं।

मैंने माँ का ये रूप पहले कभी नहीं देखा था।

ससुर ने उन्हें दरवाज़ा बंद करने का इशारा किया। hot xxx maa

माँ ने जल्दी से दरवाज़ा बंद किया और ससुर के पास वापस चली गईं।

ससुर अब खड़े हो गए और मेरी माँ को किसी हल्की गुड़िया की तरह अपने दोनों हाथों में उठा लिया और उन्हें चूमने लगे।

वो माँ के होंठ चूसने लगे।

मुझे लगा कि माँ इसका विरोध करेंगी… लेकिन माँ का हाथ उनके बालों में चला गया था।

अब उन्होंने माँ को बिस्तर पर लिटा दिया और उनका ब्लाउज खोल दिया, उनके चूचे तुरंत उजागर हो गए।

मेरे ससुर ने एक हाथ की उँगली से मेरी माँ के गाल को छुआ और उन्हें प्यार से देखा।

मेरी माँ को शर्म आ गई और उसने अपना एक चूचे उठा कर मेरे ससुर की तरफ कर दिया।

मेरे ससुर ने माँ के चूचे को अपने होंठों में लिया और उसे चूसने लगे।

वो दूसरे चूचे को भी बेरहमी से दबा रहे थे।

मेरी माँ कामुकता से कराह रही थी लेकिन वो बहुत धीमी आवाज़ में कराह रही थी। hot xxx maa

फिर ससुर ने दूसरे चूचे को चूसा।

माँ मस्ती में कामुकता से कराह रही थी।

उनकी ऐसी कामुक कराहों से मेरी चूत भी गीली होने लगी थी।

मैंने आज तक अपनी माँ के मुँह से ऐसा कभी नहीं सुना था।

‘उम्ह मुह आह आउच’ उनकी कामुक आवाज़ें मेरे रोंगटे खड़े कर रही थी।

न चाहते हुए भी मेरा एक हाथ अपने आप मेरी चूत की तरफ चला गया और मैं साड़ी के ऊपर से ही अपनी रसीली चूत को सहलाने लगी।

फिर ससुर ने अपनी जीभ मेरी माँ के पेट पर फिराना शुरू कर दिया।

माँ का चेहरा देखने लायक था।

उनके चेहरे पर एक अजीब सी खुशी थी। hot xxx maa

वो बहुत ही कामुक मुस्कान और नशीली आँखों से मेरे ससुर को देख रही थी।

आज मैंने अपने ससुर का ये चमत्कार देखा और उनका ये जादू मेरी माँ पर काम कर गया जो सती सावित्री की तरह रहती थी।

मेरी माँ नशे में थी और भूल गई थी कि उनकी बेटी बगल के कमरे में है। उनकी आवाज़ उस तक पहुँच सकती थी।

माँ बस एक अजीब सी खुशी में डूबी हुई थी।

तभी ससुर ने माँ की साड़ी उतार दी।

माँ सिर्फ़ पेटीकोट में थी।

माँ ने अपने हाथों से अपना चेहरा ढक लिया और ससुर ने मेरी माँ के पेटीकोट का नाड़ा ढीला करके झटके से नीचे खींच दिया।

तभी माँ ने अपनी कमर ऊपर उठाई ताकि उनका पेटीकोट उनकी टाँगों से बाहर आ जाए।

मैं अपनी माँ की ये हरकत देखकर दंग रह गया।

मेरी माँ खुद नंगी होकर मेरे ससुर से चुदवाना चाहती थी। hot xxx maa

वह समय था. 

माँ पर हवस हावी हो चुकी थी.

मेरे ससुर ने पेटीकोट पकड़ कर एक तरफ फेंक दिया और अपनी एक उंगली मेरी माँ की चूत पर रख दी.

वो मेरी माँ की चूत को सहलाने लगे.

जैसे ही उनकी उंगली मेरी माँ को छूती, वो उछल पड़ती.

मैं असमंजस में था कि क्या हो रहा है.

तभी मैंने अपनी माँ की कराहें सुनीं और मेरी नज़र अपनी माँ की चूत पर पड़ी.

मैंने देखा कि मेरे ससुर ने अपनी एक उंगली मेरी माँ की चूत में घुसा दी थी।

ये सब देखते-देखते मुझे पता ही नहीं चला कि कब मैंने अपना हाथ अपनी साड़ी के अन्दर डाल दिया और अपनी नंगी चूत को सहलाने लगी।

मेरे ससुर ने अपनी धोती खोली और अंडरवियर ढीला करके उतार दिया। hot xxx maa

अन्दर से एक लम्बा और बहुत मोटा औज़ार निकला। उस विशाल हथियार को देखकर मेरा मुँह खुला का खुला रह गया और मेरी माँ चौंक कर उस हथियार को देख रही थी।

हम दोनों माँ-बेटी के मुँह खुले रह गए।

मेरी माँ एक-दो पल लंड को देखने के बाद होश में आई और हैरान स्वर में बोली- आउच… इतना बड़ा है समधी जी, मैं इसे नहीं ले पाऊँगी! मेरी चूत फट जाएगी!

ये कहते-कहते ससुर ने मेरी माँ को चूम लिया और अपने हाथों से उनकी टाँगें ऊपर उठा लीं।

मेरे ससुर ने अपना औज़ार मेरी माँ की चूत में रखा और बिना बताए झटके से अन्दर डाल दिया.

मैंने भी आज पहली बार उनका लौड़ा देखा था.

मैंने उन्हें पहली बार इस नंगी अवस्था में देखा था.

सच बताऊँ तो मैं अपने ससुर का भारी लंड देखकर अपनी ही दुनिया में खो गई थी.

उसी पल मैंने अपनी माँ की चीख सुनी. hot xxx maa

माँ- आह आह मैं मर रही हूँ… आह दर्द हो रहा है, इसे बाहर निकालो… जल्दी से निकालो, मैं मर जाऊँगी.

मेरी माँ ऐसे रो रही थी जैसे कि उनकी चूत अब तक कभी चुदी ही न हो.

लेकिन मेरे ससुर इतने उत्तेजित थे कि उन्होंने मेरी माँ की आवाज़ को अनसुना कर दिया और तुरंत दूसरा धक्का दे दिया.

इस हमले के साथ ही मेरे ससुर का पूरा मोटा लंड मेरी माँ की टाइट चूत में घुसकर कहीं खो गया था.

इसी के साथ मेरे ससुर ने मेरी माँ के होंठों को अपने होंठों से जकड़ लिया और मेरी माँ ‘घुँघू घुँघू’ की आवाज़ निकालती रही।

वो पानी से बाहर मछली की तरह तड़प रही थी लेकिन मेरे ससुर धक्के लगाते रहे।

उन्हें मेरी माँ की बिल्कुल भी परवाह नहीं थी।

मेरी उंगली भी मेरी चूत के अंदर हलचल मचा रही थी।

कुछ देर बाद माँ थोड़ी शांत हुई। hot xxx maa

मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि माँ ने इतना बड़ा लंड अपनी चूत के अंदर कैसे ले लिया!

मेरी माँ अब उनका साथ दे रही थी।

कुछ पल बाद उन्होंने मेरी माँ को अपने हाथों में उठा लिया।

मैं अपने ससुर की ताकत देखकर दंग रह गई।

उन्होंने मेरी माँ को किसी खिलौने की तरह उठा रखा था और नीचे से धक्के लगा रहे थे।

ये सब देखकर मेरी चूत इतनी गीली हो गई थी कि क्या बताऊँ!

मेरी माँ अब अपने दोनों हाथ मेरे ससुर के गले में डालकर उनके लंड पर झूल रही थी।

कुछ पलों के बाद उन्होंने मेरी माँ को घोड़ी बना दिया और पीछे से मेरी माँ को चोदने लगे. hot xxx maa

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मेरी माँ शायद दर्द में थी, उनकी आँखों में आँसू थे.

वो मेरे ससुर को पीछे धकेल रही थी.

लेकिन मेरे ससुर मेरी माँ के ऊपर चढ़े हुए थे.

मेरे ससुर ने उस समय अपनी स्पीड बढ़ा दी.

अब माँ भी जोर जोर से कराह रही थी और मजे ले रही थी.

कुछ देर बाद ससुर जी का माल निकल गया, उन्होंने अपने लंड का रस मेरी माँ की चूत में खाली कर दिया.

जबकि ससुर का लंड अभी भी माँ की चूत के अंदर था.

फिर उन्होंने अपना लंड बाहर निकाल लिया.

माल निकलने के बाद भी ससुर जी का लंड बहुत बड़ा लग रहा था. hot xxx maa

वो नंगा ही अपना लंड हिलाते हुए बाथरूम में चले गए.

सेक्स के बाद देसी माँ कुछ देर बिस्तर पर लेटी रही. फिर उन्होंने अपने कपड़े पहने, साड़ी ठीक से पहनी और बाहर चली गई.

तब तक में भी झड़ चुकी थी. मैं भी वहाँ से हट गया और कपड़े समेटने लगा।

तभी माँ मेरे कमरे में आ गई।

माँ बहुत थकी हुई लग रही थी।

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मैंने पूछा- माँ क्या हुआ, बहुत थकी हुई लग रही हो?

माँ बोली- हाँ, मैं कुछ काम कर रही थी। hot xxx maa

मैंने मन ही मन कहा कि माँ मैंने तुम्हें काम करते देखा है, पर मैं माँ को शर्मिंदा नहीं करना चाहती था।

तो मैंने कहा- माँ, ससुर जी आराम कर रहे हैं न? उन्हें कुछ नहीं चाहिए, उनसे पूछ लो!

माँ मन ही मन थोड़ा शरमाई और बोली- हाँ, देखती हूँ… तुम्हें और कुछ चाहिए क्या?

मैंने कहा- नहीं!

माँ चली गई।

मैं भी फिर से खिड़की की दरार के पास आ गया।

ससुर जी दूध पी रहे थे।

तभी माँ कमरे में दाखिल हुईं और पूछा- कुछ चाहिए क्या?

ससुर जी ने दूध का गिलास नीचे रखा और माँ को अपनी ओर खींचते हुए कहा- कोमल (यह मेरी माँ का नाम है) तुम बहुत खूबसूरत हो… और तुमने आज मुझे जो सुख दिया है, मैं उसे मरते दम तक नहीं भूलूँगा।
आज से तुम भी मेरी पत्नी हो, यह याद रखना। आज से मैं तुम्हारा पति हूँ। hot xxx maa

यह कहते हुए उन्होंने मेरी माँ को चूमना शुरू कर दिया।

मेरी माँ भी उनका साथ दे रही थीं।

उन्होंने मेरी माँ को फिर से उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया।

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मेरे ससुर ने मेरी माँ की साड़ी उठाई, उनकी टाँगें फैलाईं, अपनी धोती एक तरफ की और फिर से अपना औज़ार मेरी माँ की चूत में डाल दिया।

उनकी चुदाई फिर से शुरू हो गई।

मेरी माँ भी अपनी टाँगें हवा में फैलाकर मेरे ससुर के लंड का रस चूस रही थीं। hot xxx maa

मेरे ससुर ने करीब आधे घंटे तक मेरी माँ की चूत चोदी और उनकी चूत में अपना माल छोड़ने के बाद उन्होंने मेरी माँ को गोद में उठाया और बाथरूम में ले गए।

वे वहाँ से करीब 15 मिनट बाद लौटे।

मेरी माँ गीली हो चुकी थी और बहुत खुश भी थी।

मैंने उनके गले में एक सोने की चेन देखी, जो मेरे ससुर के गले में थी।

मैं समझ गया कि मेरे ससुर ने मेरी माँ को मेरी सास बना दिया है!

थोड़ी देर बाद पिताजी आए और मेरे ससुर का सम्मान किया।

फिर हमने विदाई ली और मैं अपने ससुर के साथ ससुराल के लिए निकल पड़ी। hot xxx maa

सफर बहुत लंबा था।

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